रूस यूक्रेन पर एक तेज़ 'गेरन-5' ड्रोन भेज रहा है, जिसके मार्ग को सैटेलाइट जैमिंग से भटकाना अब अधिक कठिन हो सकता है। निगरानी चैनलों के अनुसार, यह ड्रोन नीचे की ज़मीन की तस्वीरों से अपना रास्ता तय कर सकता है। इसकी बढ़ी हुई गति के कारण इंटरसेप्टर्स के लिए इसे पकड़ना भी मुश्किल हो रहा है। हालाँकि, यूक्रेनी अधिकारियों ने अभी तक इस प्रणाली की पुष्टि नहीं की है। यह विकास यूक्रेन के लिए एक नई चुनौती प्रस्तुत करता है, क्योंकि पारंपरिक रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता कम हो सकती है। इस नई तकनीक के कारण यूक्रेन की वायु रक्षा पर दबाव बढ़ सकता है। स्थिति की निगरानी जारी है और यूक्रेनी सेना इस खतरे से निपटने के लिए रणनीति बना रही है।