रूस ने जापान द्वारा राष्ट्रपति पुतिन के कुरील द्वीपों की यात्रा पर दिए गए दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि ये दावे राजनीतिक रूप से निराधार, अपमानजनक और कानूनी तौर पर अमान्य हैं। जापान इन द्वीपों को अपना क्षेत्र बताता है, जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रूस ने अपने कब्जे में ले लिया था। रूस का कहना है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से उसका हिस्सा है और पुतिन की यात्रा पूरी तरह से कानूनी है। ज़खारोवा ने जापान के विरोध को भड़काऊ और संबंधों को खराब करने वाला बताया। रूस, जापान के साथ सामान्य संबंध बनाए रखने के लिए तैयार है, लेकिन वह अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति दृढ़ है। इस घटना ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद को फिर से उजागर कर दिया है।