रूसी विदेश मंत्रालय के एक विशेष दूत, रोडियन मिरोशनिक ने कहा है कि मास्को और वाशिंगटन के बीच संपर्क और वार्ता यूरोप और वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के लिए परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि रूस और अमेरिका के बीच सीधा संवाद यूरोपीय संघ को चिंतित कर रहा है। ज़ेलेंस्की प्रशासन भी इन वार्ताओं से बेचैन है क्योंकि इससे यूक्रेन को मिलने वाले समर्थन पर असर पड़ सकता है। मिरोशनिक के अनुसार, यूरोप और ज़ेलेंस्की दोनों ही रूस के साथ किसी भी तरह के समझौते से असहमत हैं। उनका मानना है कि रूस के साथ संवाद केवल यूक्रेन के प्रति पश्चिमी समर्थन को कमजोर करेगा। यह बयान रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान जारी तनाव और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ती दरार को दर्शाता है। यह स्थिति आगे चलकर यूरोप की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीतियों पर भी प्रभाव डाल सकती है।