रूस अपने पुराने बमवर्षकों को बदलने में असमर्थ है, जिसके कारण वह बमबारी की तकनीक को और अधिक घातक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हाल ही में इरकुत्स्क में एक Tu-22M3 बमवर्षक दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसने इस स्थिति को उजागर किया है। रूस के पास उपलब्ध बमवर्षकों की संख्या घट रही है, लेकिन उनकी बमबारी की क्षमता में वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस अपनी सीमित संसाधनों के साथ युद्ध में प्रभावी बने रहने के लिए इस रणनीति का उपयोग कर रहा है। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि रूस अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव कर रहा है, जिसमें प्रौद्योगिकी पर अधिक निर्भरता शामिल है। इस बदलाव से यूक्रेन में युद्ध की स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है। रूस की यह नई रणनीति पश्चिमी देशों के लिए भी चिंता का विषय है।