रूस नाटो देशों की सीमा के निकट अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नए खतरे उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल तत्काल सैन्य आक्रमण का कोई खतरा नहीं है। यह कदम पूर्वी यूरोप में तनाव की स्थिति को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही तैयार रहना होगा, क्योंकि उस पर बाहरी सहायता की उम्मीद कम होगी। रूस की यह कार्रवाई नाटो के लिए एक चुनौती है और गठबंधन को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकती है। फिलहाल, स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखी जा रही है और राजनयिक समाधान की कोशिश की जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप को अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।