रूस में ‘जब्लोको’ नामक एकमात्र शांतिवादी दल को चुनाव से बाहर कर दिया गया है। चेक पत्रकार ओन्ड्रेज सौकुप के अनुसार, दल ने युद्ध को समाप्त करने की मांग की थी। उनका कहना है कि यह चुनाव केवल शासन के प्रति समर्थन की घोषणा मात्र है। दल को तब तक चुनाव में शामिल किया गया जब तक कि उसे जनता का समर्थन मिलना शुरू नहीं हो गया। सौकुप का मानना है कि दल की लोकप्रियता बढ़ने पर सरकार ने यह कदम उठाया। इस घटनाक्रम से रूस में राजनीतिक विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह दर्शाता है कि रूसी सरकार उन आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है जो युद्ध का विरोध करती हैं।

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