रूस के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को ‘याब्लोको’ (Apple) नामक देश के एकमात्र शांतिवादी दल को सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों में भाग लेने से रोक दिया है। न्यायालय के फैसले के बाद लगभग सौ प्रदर्शनकारियों ने अदालत के बाहर “शर्म! शर्म!” के नारे लगाए। यह फैसला रूस में राजनीतिक विरोध के लिए एक और झटका है। ‘याब्लोको’ पार्टी लंबे समय से सरकार की नीतियों की आलोचना करती रही है, विशेष रूप से यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के संबंध में। इस प्रतिबंध का मतलब है कि सितंबर के चुनावों में मतदाताओं के पास राजनीतिक विकल्पों की संख्या कम हो जाएगी। आलोचकों का कहना है कि रूस में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का आयोजन करना लगभग असंभव है। यह कार्रवाई रूस में विपक्षी समूहों पर बढ़ते दबाव का संकेत है।