रूस के प्रशांत बेड़े की एक टुकड़ी चीन के किंगदाओ स्थित नौसैनिक बेस पर पहुँची है। यहाँ दोनों देश 'मैरीटाइम इंटरैक्शन-2026' नामक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करेंगे। प्रशांत बेड़े की प्रेस सेवा ने इस आगमन की आधिकारिक पुष्टि की है। यह अभ्यास रूस और चीन के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। दोनों देशों की नौसेनाएं इस युद्धाभ्यास के माध्यम से अपनी परिचालन क्षमताओं का परीक्षण करेंगी। यह गतिविधि रणनीतिक रूप से प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की मौजूदगी को दर्शाती है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और आपसी समन्वय को बढ़ाना है।

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