यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दमयित्रो लुबिनट्स के अनुसार, रूसी सेना ने खारकीव ओब्लास्ट के कब्जे वाले हिस्से से 25 नागरिकों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को जबरन निकालकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया है। यह घटना यूक्रेन में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का संकेत है। लुबिनट्स ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। इन नागरिकों के वर्तमान ठिकाने और उनकी सुरक्षा के बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। यूक्रेन सरकार इस मामले की जांच कर रही है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह कर रही है। इस जबरन स्थानांतरण को युद्ध अपराध के रूप में माना जा सकता है, जिससे क्षेत्र में मानवीय संकट और बढ़ सकता है। यह कार्रवाई यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का भी उल्लंघन है।