रूसी पुलिस द्वारा पुरुषों को जबरन युद्ध में भेजने के मामले सामने आ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रूसी सुरक्षा बल सड़कों से और घरों से लोगों को उठा रहे हैं। इन पुरुषों को फिर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। रूसी अधिकारी दावा करते हैं कि ये पुरुष स्वेच्छा से लड़ने के लिए आए हैं, लेकिन सबूत इसके विपरीत हैं। यह जबरन भर्ती एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। इस तरह की घटनाएं रूस में चल रहे युद्ध के बढ़ते दबाव को दर्शाती हैं। पीड़ितों के परिवारों में भय का माहौल है।