पिछले तीन वर्षों से घटती हुई जल स्वच्छता (वॉश) क्षेत्र की बजट आवंटन में वृद्धि एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, यह देखा गया है कि वॉश क्षेत्र के कुल बजट का ७२ प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। इस आवंटन में ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है, जिससे शहर और गांव के बीच असमानता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल स्वच्छता सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक निवेश की आवश्यकता है। यह असंतुलन ग्रामीण आबादी के स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सरकार को इस स्थिति को सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्वच्छता सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे पर ध्यान देने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास की खाई को कम करने में मदद मिलेगी।