सोल, 17 मई - सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ने आज नेशनल पावर पार्टी (पीपीपी) पर 6 जून के स्थानीय चुनावों में मतदान पत्रों की कमी के मुद्दे पर चुनाव याचिका दायर करने के बहाने गलत सूचना फैलाने और एक सदस्य को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि पीपीपी की याचिका निराधार है और इसका उद्देश्य केवल जनता को गुमराह करना है। सत्तारूढ़ दल ने पीपीपी पर जानबूझकर चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया। पीपीपी ने मतदान पत्रों की कमी के कारण चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।