सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग में उछाल से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग करके 'भविष्य निधि' स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस निधि का उद्देश्य भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। सत्ताधारी दल का मानना है कि यह भविष्य के लिए एक आवश्यक कदम है, जबकि विपक्षी दलों ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे 'करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग' बताया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस निधि का उपयोग अपनी मर्जी से करने की कोशिश कर रही है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है। यह निधि देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण हैं। भविष्य में इस निधि के प्रबंधन और उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।