अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने कहा है कि पिछले वर्ष अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान यूक्रेन को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ था। क्रेमलिन द्वारा ‘एंकरेज की भावना’ का उल्लंघन करने की शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए रुबियो ने स्पष्ट किया कि अलास्का में किसी भी तरह के समझौते पर सहमति नहीं बनी थी। क्रेमलिन ने पहले आरोप लगाया था कि अमेरिका ने उस समय हुई चर्चाओं के ‘अध्यात्म’ का पालन नहीं किया है। रुबियो के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका, रूस के दावों को खारिज कर रहा है कि यूक्रेन पर कोई गुप्त समझ बनी थी। यह बयान रूस-यूक्रेन तनाव के बीच आया है, जहाँ रूस ने यूक्रेन में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। रुबियो का यह स्पष्टीकरण, दोनों देशों के बीच चल रहे राजनयिक गतिरोध को और बढ़ा सकता है। इस मामले पर आगे प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।
