कोलंबिया के राष्ट्रपति ने वाणिज्य दूतावासों को फिर से खोलने की बात कही, वहीं उनके विदेश मंत्री ने दुर्लभ खनिजों के दोहन के लिए समझौते किए। यह वैश्विक कूटनीति में एक नया हित है। रुबियो और अबेलार्डो द्वारा समझौतों पर हस्ताक्षर करना एक राजनयिक “पुनर्जन्म” का संकेत देता है, जैसा कि दोनों नेताओं ने घोषित किया है। ये समझौते कोलंबिया की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, खासकर दुर्लभ खनिजों के दोहन के संदर्भ में। इस कदम से कोलंबिया और अन्य देशों के बीच संबंधों में सुधार की भी उम्मीद है। यह विकास वैश्विक स्तर पर दुर्लभ खनिजों की बढ़ती मांग को भी दर्शाता है। इस पहल के बारे में आगे की जानकारी La Silla Vacía पर उपलब्ध है।