उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शाही अपमान मामले में चेगुबार्ड को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की अपील स्वीकार करते हुए मामले को फिर से सत्र न्यायालय को सौंप दिया है। इससे पहले, सत्र न्यायालय ने चेगुबार्ड को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने इस फैसले को चुनौती दी थी, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने मामले की दोबारा सुनवाई का आदेश दिया है। अब सत्र न्यायालय में नए सिरे से सुनवाई होगी और चेगुबार्ड की दोषसिद्धि या बरी होने का फैसला फिर से किया जाएगा। इस मामले ने पहले काफी विवाद पैदा किया था और उच्च न्यायालय के इस फैसले से मामले में नए मोड़ आ गया है। निचली अदालत के फैसले को पलटने से मामले की गंभीरता का पता चलता है।