रॉय सुर्यो के वकील, अब्दुल गफुर संगदजी ने महाकामे Agung (SEMA) संख्या 3 वर्ष 2026 के एक परिपत्र पर प्रकाश डाला है, जो पूर्व न्यायिक समीक्षा के लिए अनुरोध होने पर मामलों की जांच और हस्तांतरण से संबंधित है। वकील ने इस परिपत्र के जारी होने के समय पर चिंता व्यक्त की है, खासकर तब जब रॉय सुर्यो का पूर्व न्यायिक समीक्षा मामला विचाराधीन है। उनका मानना है कि यह परिपत्र पूर्व न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। संगदजी ने इस मामले में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए परिपत्र के कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं। इस परिपत्र के जारी होने से कानूनी हलकों में बहस छिड़ गई है। यह देखना बाकी है कि अदालत इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देगी और मामले की कार्यवाही को कैसे प्रभावित करेगी। इस कदम से न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठ सकते हैं।