एक नए विश्लेषण से पता चला है कि रूस का सबसे बड़ा हथियार निर्माता रोस्टेक 2022 से यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के अधीन है। हालाँकि, रोस्टेक की 482 सहायक कंपनियां पश्चिमी प्रतिबंधों से बच रही हैं, जिससे प्रतिबंधों का असर कम हो रहा है। इस खामी के कारण ही रूस अपने ड्रोन और मिसाइलों के लिए ज़रूरी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स प्राप्त करने में सफल हो पा रहा है। NAKO के विश्लेषण में इन सहायक कंपनियों का विस्तृत मानचित्रण किया गया है। यह उजागर करता है कि प्रतिबंध केवल कुछ ही कंपनियों तक पहुँच पा रहे हैं। इसका मतलब है कि रूस युद्ध सामग्री का उत्पादन जारी रखने में सक्षम है। यह स्थिति पश्चिमी प्रतिबंधों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाती है तथा रूस की सैन्य क्षमताओं को बनाए रखने में सहायक कंपनियों की भूमिका को दर्शाती है। इस विश्लेषण से प्रतिबंधों को और कड़ा करने की आवश्यकता पर बल मिलता है।