पूर्व जर्मन डिफेंडर केविन-प्रिंस बोआटेंग ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाल की शुरुआती एकादश से हटाने की वकालत की है। उनका मानना है कि रोनाल्डो अब पहले जैसे प्रभावशाली नहीं रहे और टीम के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। बोआटेंग ने कहा कि रोनाल्डो को सुपर-सब के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर होगा, ताकि वह महत्वपूर्ण क्षणों में टीम के लिए योगदान दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पुर्तगाल के पास रोनाल्डो के बिना भी बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है। बोआटेंग के इस बयान ने फुटबॉल जगत में बहस छेड़ दी है, क्योंकि रोनाल्डो को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ बोआटेंग के विचारों से सहमत हैं, उनका तर्क है कि रोनाल्डो की उम्र और फॉर्म को देखते हुए यह बदलाव आवश्यक हो सकता है। इस मामले पर पुर्तगाल के कोच की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।
