रोमानिया में राजनीतिक संकट और गहरा गया है, क्योंकि संसद ने यूरोपीय संघ समर्थक प्रधानमंत्री सिगफ्राइड मुरेसन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। इस फैसले से जल्दी चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है। मुरेसन सरकार को संसद का विश्वास खोना पड़ा, जिससे देश में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि अविश्वास प्रस्ताव की विफलता से रोमानिया में एक नई सरकार बनने का रास्ता खुल गया है या फिर समय से पहले चुनाव हो सकते हैं। राजनीतिक दलों के बीच सत्ता को लेकर खींचतान जारी है। इस स्थिति से रोमानिया की यूरोपीय संघ की नीतियों पर भी असर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि रोमानिया में आगे क्या होता है और क्या जल्दी चुनाव होंगे।