एड्रियन वेस्टा के नेतृत्व वाली कैबिनेट द्वारा संसद में प्रस्तुत शासन कार्यक्रम में पुरानी गठबंधन सरकार की नीतियों की मुख्य बातें बरकरार रखी गई हैं। हालांकि, इसमें कुछ बदलाव भी किए गए हैं जिनसे लक्ष्यों को प्राप्त करने पर सवाल उठ रहे हैं। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, यह दस्तावेज़ कई सामान्य उद्देश्यों को दर्शाता है, जिसमें विशेष पेंशनों में सुधार भी शामिल है, लेकिन यह सुधार केवल नाम का ही प्रतीत होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वही विफल मॉडल है जिसने देश को वर्तमान स्थिति में पहुंचाया है। कार्यक्रम में राजकोषीय घाटे और राष्ट्रीय पुनर्प्राप्ति एवं लचीलापन योजना (PNRR) से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं। कुल मिलाकर, शासन कार्यक्रम में स्थिरता और प्रगति के बीच विरोधाभास दिखाई दे रहा है, जिससे इसकी प्रभावशीलता पर संदेह पैदा हो रहा है।
