राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान (INS) के अनुसार, मई 2026 में वार्षिक महंगाई दर बढ़कर 10.9% हो गई है। पिछले एक वर्ष में बिजली, आवास और डीजल की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। बिजली की कीमतों में 55% से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि आवास और डीजल की कीमतों में क्रमशः 40% और 36% की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा देश की आर्थिक स्थिति पर महंगाई के बढ़ते दबाव को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और आवास की मांग में बढ़ोतरी महंगाई के मुख्य कारण हैं। सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही कदम उठा सकती है। आम नागरिकों पर इस महंगाई का सीधा असर उनकी क्रय शक्ति पर पड़ेगा।