प्रतिस्पर्धा परिषद ईंधन मूल्यों की निगरानी कर रही है क्योंकि वाणिज्यिक मार्जिन पर मूल्य नियंत्रण और डीजल पर अस्थायी उत्पादन शुल्क में कमी की अवधि समाप्त हो गई है। परिषद यह देखना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय दरों, लागत और वाणिज्यिक शर्तों में बदलाव पंप पर कीमतों में कैसे परिलक्षित होते हैं। इस निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार प्रतिस्पर्धात्मक रहे और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य मिले। परिषद का ध्यान बाजार में किसी भी संभावित अनुचित प्रथा पर भी होगा। प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि ईंधन की कीमतें यूरोपीय संघ के औसत से कम हैं। आगे के विश्लेषण से बाजार की गतिशीलता और मूल्य निर्धारण प्रवृत्तियों को समझने में मदद मिलेगी। यह निगरानी बाजार की पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।