शिक्षक पेट्रुट रिज़िया ने क्रोनिक थकान और स्कूल में अत्यधिक काम के कारण आए स्ट्रोक के बाद डिप्रेशन से अपनी 10 साल की लड़ाई का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह एक क्रूर और अदृश्य बीमारी है। रिज़िया ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे अक्सर डिप्रेशन से जूझते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके छात्र ही एकमात्र कारण हैं जिनकी वजह से वे हर सुबह बिस्तर से उठते हैं और स्कूल आते हैं। छात्रों का उनके प्रति विश्वास और प्रतीक्षा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यह खुलासा शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालता है। रिज़िया की हिम्मत ने दूसरों को भी अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया है।