अलिना गोरघियू ने पीएनएल से संभावित निष्कासन को अदालत में चुनौती देने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह उस पार्टी को नहीं छोड़ेंगी, जिसके सदस्य वे लगभग तीन दशकों से हैं। यह घोषणा पीएनएल नेतृत्व द्वारा कांग्रेस में पारित प्रस्तावों के तहत लक्षित पांच सदस्यों को दिए गए अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद आई है। गोरघियू ने पार्टी छोड़ने से स्पष्ट रूप से इनकार किया है और कानूनी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। यह कदम पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्षों और शक्ति संघर्षों को दर्शाता है। पीएनएल नेतृत्व द्वारा उठाए गए कदमों के खिलाफ गोरघियू का यह विरोध पार्टी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इस मामले में अदालत का फैसला पार्टी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।