राष्ट्रपति निकुशोर दान ने विभिन्न दलों और संसदीय समूहों के साथ त्वरित परामर्श के बाद कहा है कि एक अल्पसंख्यक राजनीतिक सरकार बनने की संभावना है। यह सरकार पूर्व-सहमत संसदीय समर्थन समझौते पर आधारित होगी। राष्ट्रपति ने दलों से इस संबंध में प्रस्ताव लाने का आग्रह किया है। इसका अर्थ है कि कोई भी दल पूर्ण बहुमत के बिना सरकार बना सकता है, लेकिन उसे संसद में अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी। यह कदम राजनीतिक अस्थिरता से बचने और शासन को जारी रखने के लिए उठाया जा रहा है। फिलहाल, सरकार बनाने के लिए कोई स्पष्ट बहुमत नहीं है, इसलिए यह समझौता आवश्यक है। राष्ट्रपति ने सभी दलों से रचनात्मक रूप से भाग लेने और देश के हित में समाधान खोजने का आह्वान किया है।