एक्टिविस्ट और लेखक वालिरियु निकोलाई ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार एड्रियन वेस्टिया द्वारा प्रस्तावित सरकार के संसद में विश्वास मत खोने के बाद राष्ट्रपति निकुशोर डैन और उनके कार्यालय की कड़ी आलोचना की है। निकोलाई ने फेसबुक पर एक पोस्ट में तर्क दिया कि राष्ट्रपति ने पीएनएल (नेशनल लिबरल पार्टी) से परामर्श किए बिना वेस्टिया को नामित किया, जिसके परिणामस्वरूप सरकार का पतन हुआ। उन्होंने राष्ट्रपति कार्यालय में इस्तीफे की मांग की है। निकोलाई का मानना है कि राष्ट्रपति की ओर से यह निर्णय त्रुटिपूर्ण था और इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वेस्टिया सरकार को संसद का विश्वास हासिल करने में विफल रहने से राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन गया है। इस घटना से देश में राजनीतिक संकट गहराने की आशंका है। निकोलाई ने इस मामले में आगे की कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।