पीएनएल (PNL) के अध्यक्ष इली बोलोजान ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी वेस्ता सरकार को समर्थन नहीं देगी। राष्ट्रीय स्थायी ब्यूरो की बैठक के बाद उन्होंने बताया कि यदि वेस्ता सरकार के निवेश पर मतदान होता है, तो पीएनएल के संसदीय समूह मतदान कक्ष छोड़ देंगे। यह निर्णय पार्टी के भीतर सरकार के प्रति असंतोष को दर्शाता है। बोलोजान ने सरकार के गठन के लिए अन्य संभावित विकल्पों पर भी चर्चा की, लेकिन कोई विशिष्ट प्रस्ताव नहीं दिया गया। इस कदम से राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने की आशंका है, क्योंकि वेस्ता सरकार को अब संसद में बहुमत हासिल करने के लिए अन्य दलों का समर्थन प्राप्त करना होगा। पीएनएल का बहिष्कार सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है और इससे उसके भविष्य पर सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल, राजनीतिक विश्लेषक स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।