न्यायपालिका परिषद (CSM) के एक सदस्य, पूर्व उपाध्यक्ष क्लाउडीउ सैंडू ने परिषद द्वारा तैयार किए गए एक दस्तावेज़ पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस दस्तावेज़ में न्यायपालिका को बदनाम करने का अभियान चलाने और राजनेताओं, गैर-सरकारी संगठनों और पत्रकारों की एक “ब्लैक लिस्ट” बनाने का आरोप लगाया गया है। सैंडू का कहना है कि उन्होंने कई न्यायाधीशों से बात की है और सामान्य बैठकों में इस तरह के समर्थन की कोई चर्चा नहीं हुई है। दस्तावेज़ में दावा किया गया है कि 3,580 न्यायाधीश इस पहल का समर्थन करते हैं, जिसे सैंडू ने सरासर झूठ बताया है। उनका आरोप है कि परिषद द्वारा जारी किया गया यह दावा वास्तविकता से परे है। इस मामले ने न्यायपालिका के भीतर गंभीर बहस और चिंताएं पैदा कर दी हैं। सैंडू ने परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की मांग की है।