जाने-माने रोमानियाई पत्रकार क्रिस्चियन टुडोर पोपेस्कु ने हालिया 'मर्डेनेले कांड' को एक राष्ट्रीय समस्या का लक्षण बताया है, न कि स्वयं एक समस्या। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में 'टैम्पिटोपोल' की जनगणना करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है। पोपेस्कु का कहना है कि इस घटना से एकमात्र वैध निष्कर्ष यह है कि रोमानिया में 'बेवकूफों' का कोई आधिकारिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। उनका मानना ​​है कि यह एक गंभीर कमी है जो राष्ट्रीय स्थिति की सही तस्वीर प्रस्तुत करने में बाधा डालती है। पोपेस्कु ने इस मुद्दे को हल्के ढंग से उठाया है, लेकिन उनके बयान में छिपी हुई चिंता स्पष्ट है। वे देश में तर्कहीनता और मूर्खता के प्रसार को लेकर चिंतित हैं।