स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि देश भर के सभी सार्वजनिक अस्पतालों में जेनरेटर और वैकल्पिक बिजली आपूर्ति के समाधान मौजूद हैं। इसमें अस्पताल के बाहर स्थित चिकित्सा इकाइयों और विभागों को भी शामिल किया गया है। एकत्रित आंकड़ों से पता चलता है कि चिकित्सा इकाइयों के पास लगभग 950 जेनरेटर उपलब्ध हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है कि बिजली कटौती की स्थिति में भी मरीजों की देखभाल जारी रहे। मंत्रालय का कहना है कि इस व्यवस्था से सभी अस्पतालों में निर्बाध चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। यह पहल स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विश्वसनीयता और स्थिरता को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। इस कदम से मरीजों और चिकित्सा कर्मचारियों दोनों को लाभ होगा।