रोमानिया में वेतन सुधार पर सत्तारूढ़ दलों के बीच सहमति नहीं बन पाई है, जिसके परिणामस्वरूप देश को 770 मिलियन यूरो के यूरोपीय संघ के फंड खोने पड़े हैं। उदारवादियों ने मितव्ययी प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि सामाजिक लोकतंत्रवादियों ने शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सिविल सेवकों के लिए अरबों की अतिरिक्त मांग की। दोनों पक्षों के बीच मतभेद के कारण सुधार लागू नहीं हो सका। इस असहमति को विपक्षी दलों द्वारा सरकार की अक्षमता के रूप में आलोचना की जा रही है। सामाजिक लोकतंत्रवादियों की तुलना स्मेर पार्टी से की जा रही है। इस घटना से रोमानिया की अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। फंड की हानि से देश के विकास कार्यक्रमों पर असर पड़ेगा।