रक्षा मंत्रालय के अंतरिम मंत्री, राडू मिरुटा ने बुधवार शाम को ‘बेराकhtar’ या ‘ड्रोन भत्ता’ के स्वरूप और उद्देश्य पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भत्ता, जैसा कि लोकप्रिय रूप से माना जाता है, ड्रोन संचालन से संबंधित नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, यह एक ‘परिचालन भत्ता’ है। यह भत्ता विशिष्ट परिस्थितियों में दिया जाता है, और इसका नामकरण भ्रामक है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता अन्य भत्तों की तरह नहीं है। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य भत्ते को लेकर फैली गलत धारणाओं को दूर करना है। टीवीआर इन्फो के अनुसार, मंत्रालय इस मुद्दे पर आगे भी जानकारी जारी कर सकता है।