म्यांमार से भागकर आए हजारों रोहिंग्या शरणार्थियों ने शिविरों में अपनी दयनीय स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन किया है। शरणार्थियों ने अपनी मातृभूमि, म्यांमार लौटने की गुहार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है, और इसे "नए निम्नतम स्तर" पर पहुँच गया बताया है। प्रदर्शनकारी शिविरों में जीवन की कठिन परिस्थितियों से त्रस्त हैं और सुरक्षित घर वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। यूएन ने म्यांमार में मानवाधिकारों के हनन को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। शरणार्थियों का कहना है कि जब तक म्यांमार में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, वे वापस नहीं जा सकते। यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए म्यांमार संकट पर ध्यान देने का एक और आह्वान है।

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