म्यांमार के तट पर हाल के दिनों में दो नावें डूबने की खबर है, जिनमें ५०० से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। ये नावें म्यांमार के रखाइन राज्य से रवाना हुई थीं और इनमें ज़्यादातर रोहिंग्या अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सवार थे, जिनमें कुछ बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से भी शामिल थे। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। रोहिंग्या मुसलमान, जो अपने देश में हिंसा और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में खराब परिस्थितियों से त्रस्त हैं, बेहतर जीवन की तलाश में खतरनाक समुद्री यात्राएं कर रहे हैं। पिछले साल ही इस समुद्री मार्ग पर लगभग ९०० रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत हुई या वे लापता हो गए थे। नावें नियमित नौकायन मौसम के बाहर चलीं, जब समुद्री स्थिति ज़्यादा खतरनाक थी। म्यांमार सरकार रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ अत्याचार करने से इनकार करती है, लेकिन उन्हें नागरिकता देने से इनकार करती है।