रोसियो फर्नांडीज ने 'कल्चर' से लेकर 'एंकोरा' तक, 'पुराने' पन्नों में लिखने की स्वतंत्रता पाई है। उन्होंने कोस्टा रिका में कलात्मक अभ्यास का समर्थन किया और पत्रकारिता को एक व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के रूप में समझा। 'ला नेसियन' की 80वीं वर्षगांठ के संदर्भ में उन्होंने इन विचारों पर मनन किया है। फर्नांडीज ने उन खबरों में अपनी जगह बनाई है जो तेजी से नहीं बदलतीं, बल्कि समय के साथ विकसित होती हैं। उनका काम कोस्टा रिका में पत्रकारिता और कला के बीच संबंधों को दर्शाता है। वह एक ऐसी पत्रकार के रूप में उभरी हैं जो अपने लेखन के माध्यम से रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। 'ला नेसियन' के साथ उनका जुड़ाव पत्रकारिता के इतिहास और भविष्य पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करता है।