रूसी हमले में घायल दो यूक्रेनी सैनिकों को निकालने के लिए एक जटिल अभियान चलाया गया। सैनिकों की स्थिति तक पहुँचने में कठिनाई के कारण, यूक्रेनी बलों ने ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम का उपयोग किया। ये ड्रोन 56 किलोमीटर की दूरी तय करके घायलों के पास पहुंचे। लगभग 15 घंटे तक चले इस अभियान में सैनिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। कई दिनों से वे अपनी स्थिति से हिलने-डुलने में असमर्थ थे। यह बचाव अभियान, युद्धक्षेत्र में ड्रोन तकनीक के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।