सड़क दुर्घटना में जीवित बचे लोगों ने परिवहन दुर्घटना आयोग (Transport Accident Commission) के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक पीड़ित का कहना है कि जिस संगठन ने उन्हें उम्मीद से बेहतर जीवन जीने में मदद की, अब उससे निपटना एक बुरे सपने जैसा है। पीड़ितों का आरोप है कि आयोग की प्रक्रियाएं जटिल और निराशाजनक हैं, और वे पीड़ितों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने आयोग में व्यापक सुधारों की मांग की है ताकि भविष्य में अन्य पीड़ितों को बेहतर सहायता मिल सके। पीड़ितों ने दावा किया है कि मुआवजा प्राप्त करने और आवश्यक सहायता पाने में उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले ने परिवहन दुर्घटना आयोग की कार्यप्रणाली पर फिर से विचार करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।