नदी के किनारे घरों के ढहने की समस्या बढ़ रही है, जिससे स्थानीय निवासी चिंतित हैं। नदी के किनारे कुछ जगहों पर जियो बैग डालकर बचाव का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह प्रयास पर्याप्त नहीं है। कुछ जगहों पर पुराने रेत के बोरों को देखा जा सकता है, जबकि कुछ जगहों पर नए सिरे से तटबंध बनाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बचाव कार्य नदी के किनारे हो रहे व्यापक नुकसान के मुकाबले बहुत ही कम है। वे बेबस होकर देख रहे हैं कि उनके घर नदी में समा रहे हैं और उनके पास इसे रोकने के लिए कुछ भी करने को नहीं है। स्थिति विकट बनी हुई है और तत्काल अधिक प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। सरकार से जल्द से जल्द उचित कदम उठाने का आग्रह किया जा रहा है।