एक नए अध्ययन से पता चला है कि अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की तुलना में विवाहित या साथी वाले वरिष्ठ लोगों में हानिकारक शराब पीने की प्रवृत्ति अधिक होती है। शोध में पाया गया कि जो वरिष्ठ अपने जीवनसाथी के साथ रहते हैं, उनमें शराब पीने का जोखिम बढ़ जाता है। यह उन जोड़ों में भावनात्मक और सामाजिक कारकों के कारण हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि जोड़े एक दूसरे के पीने के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे दोनों में ही शराब की खपत बढ़ सकती है। इस खोज से पता चलता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों को लक्षित करने की आवश्यकता है, जिसमें अकेले रहने वाले वरिष्ठों के बजाय, उन जोड़ों पर ध्यान केंद्रित किया जाए जो जोखिम में हो सकते हैं। बुजुर्गों में हानिकारक शराब पीने के पैटर्न को समझने से बेहतर हस्तक्षेप और सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी।

English
Français
Español
हिन्दी
中文