जुलाई के आँकड़ों से पता चलता है कि कुछ शहरों में किराये की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इससे छात्रों को आवास ढूंढने में गंभीर कठिनाई हो रही है। प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि वे कम छात्रों को आवास देखने आ रहे हैं, जो एक निराशाजनक स्थिति है। किराये की उपलब्धता कम है और मांग अधिक होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं। यह स्थिति छात्रों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि वे अक्सर सीमित बजट पर होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किराये की कीमतों में यह वृद्धि आवास बाजार में एक बड़ी समस्या बन सकती है। यह छात्र जीवन और शिक्षा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।