अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के अनुसार, कल कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। इससे देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। तेल विपणक अब पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की पंप कीमतों में वृद्धि करने की तैयारी कर रहे हैं। एम-ईस्ट संकट के बाद यह कदम उठाया गया है। कच्चे तेल की बढ़ती लागत का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यह स्थिति घरेलू पेट्रोलियम उत्पाद बाजार में अस्थिरता ला सकती है। विपणक कीमतों को समायोजित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।