हाल के वर्षों में, फिनलैंड में पुलिस को अपराधों की बजाय मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों के लिए अधिक बार बुलाया जा रहा है। गरीबी और आजीविका की अनिश्चितता बढ़ने के कारण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति भविष्य के प्रति निराशा और कल्याण की भावना को कम कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अक्सर ऐसे मामलों में पहुंचते हैं जहां लोगों को तत्काल मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता होती है, न कि आपराधिक जांच की। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना आवश्यक है। यह प्रवृत्ति समाज में बढ़ती असमानता और आर्थिक दबावों का संकेत है, जिसके लिए व्यापक समाधान की आवश्यकता है। सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और उचित कदम उठाने पर विचार कर रही है।