वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण गर्मी से होने वाला तनाव एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन रहा है। हाल के दशकों में, गर्मी की लहरें अधिक लंबी और तीव्र हो गई हैं, जिससे दुनिया भर में लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। एक अरब से अधिक लोग अब १९७० के दशक की तुलना में गर्मी के तनाव से प्रभावित हैं। यूरोप में यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहाँ गर्मी का तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यह समस्या और भी बदतर होने की आशंका है। गर्मी से होने वाले तनाव से बचने के लिए सावधानी बरतने और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों पर भी दबाव डाल रही है।
