जर्मनी में एक नए अध्ययन से पता चला है कि 20 से 39 वर्ष की आयु के युवाओं में आंत्र कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। यह वृद्धि चिंताजनक है क्योंकि पहले यह बीमारी आमतौर पर अधिक उम्र के लोगों में पाई जाती थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि आहार में बदलाव, मोटापा और जीवनशैली से जुड़े अन्य कारक इसके पीछे हो सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों की नियमित जांच (स्क्रीनिंग) अभी फायदेमंद नहीं है। उनका तर्क है कि इस आयु वर्ग में कैंसर की दर अभी भी कम है और स्क्रीनिंग से अनावश्यक परीक्षण और चिंताएं बढ़ सकती हैं। अध्ययन में इस बात पर जोर दिया गया है कि युवाओं में लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना अधिक महत्वपूर्ण है। भविष्य में इस प्रवृत्ति का अध्ययन करने और संभावित कारणों को समझने के लिए और शोध की आवश्यकता है।