जर्मनी में सेना भर्ती प्रक्रिया (Bundeswehr) के दौरान मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं वाले आवेदकों की संख्या में वृद्धि हुई है। सेना के एक मनोवैज्ञानिक ने बताया है कि कई आवेदकों में कम शारीरिक क्षमताएँ पाई गई हैं। यह स्थिति Wehrdienstreform (सैन्य सेवा सुधार) के बाद और भी बढ़ गई है। मनोवैज्ञानिक का मानना है कि कोविड-19 महामारी के कारण लोगों की मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे यह समस्या बढ़ गई है। Wehrdienstreform के बाद सेना में आवेदन करने वालों की शारीरिक और मानसिक स्थिति का मूल्यांकन करना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। सेना को अब मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं वाले आवेदकों की पहचान करने और उनकी मदद करने के लिए अधिक संसाधन समर्पित करने की आवश्यकता है। इस स्थिति से सेना की संचालन क्षमता पर असर पड़ सकता है।