नीदरलैंड स्थित एक मानवाधिकार संगठन ने तुर्की में विफल तख्तापलट के बाद से हुए कथित अत्याचार, जबरन गायब होने और मानवता के खिलाफ अपराधों की जाँच के लिए विदेशी अभियोजकों से आग्रह किया है। स्टॉकहोम सेंटर फॉर फ्रीडम की रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू अधिकारियों ने इन मामलों में जवाबदेही तय करने में विफल रहे हैं। 175 पृष्ठों की ‘जस्टिस स्क्वायर’ रिपोर्ट में सार्वभौमिक क्षेत्राधिकार कानूनों के तहत व्यापक जाँच का आह्वान किया गया है। रिपोर्ट में इन अपराधों के अपराधियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने पर जोर दिया गया है। संगठन का कहना है कि तुर्की की न्याय प्रणाली इन मामलों की निष्पक्ष जाँच करने में असमर्थ है। इसलिए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हस्तक्षेप करना चाहिए और पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए। यह रिपोर्ट तुर्की में मानवाधिकारों की स्थिति पर एक गंभीर टिप्पणी है।

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