तुर्की सरकार ने हाल ही में एलजीबीटीक्यू+ और नारीवादी समूहों से जुड़े लगभग 40 सोशल मीडिया (X) अकाउंट को बंद कर दिया है। मानवाधिकार समूहों ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन बताया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के कारणों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम इन समूहों की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। बंद किए गए अकाउंट में कई महत्वपूर्ण एलजीबीटीक्यू+ और महिला संगठनों के खाते शामिल हैं। यह घटना तुर्की में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता बढ़ाती है। मानवाधिकार संगठन इस मामले में आगे की कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं।
