अबेलार्डो दे ला एस्प्रीला ने कड़े मुकाबले में जीत हासिल की है। वे एक ऐसे उम्मीदवार हैं जो किसी भी राजनीतिक या आर्थिक समझौते से बंधे हुए नहीं हैं। उनकी जीत को दक्षिणपंथी राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। एस्प्रीला ने चुनाव प्रचार के दौरान अधिक conciliador (समझौतावादी) रवैया अपनाया। यह जीत उनके समर्थकों के लिए उत्साहजनक है, वहीं विरोधियों के लिए आश्चर्यजनक। विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम देश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर सकता है। यह जीत 'ला सिल्ला वाकिया' द्वारा कवर की गई है।