दक्षिण कोरिया में, जापानी सेना की 'कंफर्ट वुमन' (युद्धकालीन यौन दासता की शिकार महिलाएं) को वेश्या बताकर अपमानित करने के आरोप में एक रूढ़िवादी समूह के सदस्यों के खिलाफ चार साल बाद मुकदमा शुरू हुआ है। इन सदस्यों पर मानहानि का आरोप लगा है। अभियोजकों ने बताया कि इस मामले में कई शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनकी जांच के बाद यह कार्रवाई हुई है। पीड़ितों का आरोप है कि इन बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। यह मामला जापान और दक्षिण कोरिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का हिस्सा है। 'कंफर्ट वुमन' मुद्दे पर दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और राजनीतिक मतभेद हैं। इस मुकदमे का परिणाम दोनों देशों के संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।